उस अप्रकट संस्था की निधि से बड़े-बड़े देशों के इतिहास, अर्थशास्त्र, उत्तम ऐतिहासिक उपन्यास बंदीशाला के बाहर के हिंदी अबंदीवान अधिकारियों के पते पर मंगवाने का उपक्रम जारी रखा। ये पुस्तकें एकत्रित न रखते हुए
कुछ इसके पास तो कुछ उसके पास, इस तरह विखेरकर रखीं, परंतु चालाक बारी बंदियों से उन्हें ले लेता। उन बंदियों द्वारा, जो बाहर आते-जाते हैं, ‘स्वतंत्र’ जनों में जैसे-जैसे प्रचार बढ़ता गया वैसे-वैसे उनके नाम पर हिंदी-मराठी
उस अप्रकट संस्था की निधि से बड़े-बड़े देशों के इतिहास, अर्थशास्त्र, उत्तम ऐतिहासिक उपन्यास बंदीशाला के बाहर के हिंदी अबंदीवान अधिकारियों के पते पर मंगवाने का उपक्रम जारी रखा। ये पुस्तकें एकत्रित न रखते हुए
कुछ इसके पास तो कुछ उसके पास, इस तरह विखेरकर रखीं, परंतु चालाक बारी बंदियों से उन्हें ले लेता। उन बंदियों द्वारा, जो बाहर आते-जाते हैं, ‘स्वतंत्र’ जनों में जैसे-जैसे प्रचार बढ़ता गया वैसे-वैसे उनके नाम पर हिंदी-मराठी