प्रार्थना, दान आदि प्रायः सभी आज्ञाओं को पैरों तले कुचलते हैं। यह नहीं कि जो हिंदुओं के घर चोरी करते हैं वे मुसलमान के यहां नहीं करते। आपसी वैमनस्य के कारण उनकी हजारों हत्याएं होती हैं। परंतु इन सभी पापों के प्रायश्चित्तस्वरूप उपरिनिर्दिष्ट जो एक सुलभ धर्मविधि उन्हें बाल्यावस्था में पढ़ाई जाती है कि तुम काफिर को मुसलमान बनाओ, ऐसी अवस्था में उसे वह बड़े सुविधाजनक ढंग से कर सकता है। नहीं, वह विधि-संपन्न करना, उनके इस चोरी,
प्रार्थना, दान आदि प्रायः सभी आज्ञाओं को पैरों तले कुचलते हैं। यह नहीं कि जो हिंदुओं के घर चोरी करते हैं वे मुसलमान के यहां नहीं करते। आपसी वैमनस्य के कारण उनकी हजारों हत्याएं होती हैं। परंतु इन सभी पापों के प्रायश्चित्तस्वरूप उपरिनिर्दिष्ट जो एक सुलभ धर्मविधि उन्हें बाल्यावस्था में पढ़ाई जाती है कि तुम काफिर को मुसलमान बनाओ, ऐसी अवस्था में उसे वह बड़े सुविधाजनक ढंग से कर सकता है। नहीं, वह विधि-संपन्न करना, उनके इस चोरी,