नाम देकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसकी चोटी काटकर और सुन्नत करवाने के एक-एक कार्य से वह हिंदू बालक स्वयं समझने लगता है कि वह मुसलमान बन गया है। उसके घर में उसे शिक्षा ही इस तरह दी जाती है कि छूत-छात से अपवित्र रोटी के टुकड़े में अथवा मुसलमान के साथ भोजन करते समय अंगुली के स्पर्श में तुम्हारे संपूर्ण हिंदू धर्म को गंवाने की शक्ति है। इस प्रकार शताधिक हिंदू बालक और युवक किसी को कानोकान खबर न होते हुए बंबई जैसे
नाम देकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसकी चोटी काटकर और सुन्नत करवाने के एक-एक कार्य से वह हिंदू बालक स्वयं समझने लगता है कि वह मुसलमान बन गया है। उसके घर में उसे शिक्षा ही इस तरह दी जाती है कि छूत-छात से अपवित्र रोटी के टुकड़े में अथवा मुसलमान के साथ भोजन करते समय अंगुली के स्पर्श में तुम्हारे संपूर्ण हिंदू धर्म को गंवाने की शक्ति है। इस प्रकार शताधिक हिंदू बालक और युवक किसी को कानोकान खबर न होते हुए बंबई जैसे