मिलेगा? पीने के पानी के लिए भी जमादार की खुशामद करनी पड़ती है, क्यांेकि कोल्हू का काम करते समय प्यास अधिक जोर से लगती है। पानीवाला पानी नहीं देता। किसी ने चोरी-चोरी चुटकी भर तंबाकू दी, तभी वह पानी देता। जमादार को बताने पर वह गुर्राता,‘बंदी को दो कटोरे पानी देने की आज्ञा है, तुम तो तीन पी चुके। और पानी अपने बा पके घर से लाओ।’ जमादार की वास्तविक भाषा का हमने सर्वथा सभ्य, शिष्ट शब्दों में अनुवाद किया है। हाथ धोने के तथा पीने
मिलेगा? पीने के पानी के लिए भी जमादार की खुशामद करनी पड़ती है, क्यांेकि कोल्हू का काम करते समय प्यास अधिक जोर से लगती है। पानीवाला पानी नहीं देता। किसी ने चोरी-चोरी चुटकी भर तंबाकू दी, तभी वह पानी देता। जमादार को बताने पर वह गुर्राता,‘बंदी को दो कटोरे पानी देने की आज्ञा है, तुम तो तीन पी चुके। और पानी अपने बा पके घर से लाओ।’ जमादार की वास्तविक भाषा का हमने सर्वथा सभ्य, शिष्ट शब्दों में अनुवाद किया है। हाथ धोने के तथा पीने