लोग काम पूरा करने के प्रयास में जुटते। किसी-किसी दिन नारियल की गरी गिली हो और शाम तक किसी का भी तेल का कोटा पूरा नहीं हुआ, तो बारी साहब के पास दूसरा उपाय था, जिसे काम में लाया जाता। ‘ये साले बंदी लोग मिली-भगत करके किसी का काम पूरा नहीं होने देते,’ इस तरह जोर-जोर से दहाड़ते हुए बारी साहब, जब संध्या समय पांच बजे भोजन परोसने का समय होता तब यह आदेश करते कि तीस पौंड तेल जब तक पूरा नहीं होगा तब तक भोजन नहीं मिलेगा। सवेरे छह
लोग काम पूरा करने के प्रयास में जुटते। किसी-किसी दिन नारियल की गरी गिली हो और शाम तक किसी का भी तेल का कोटा पूरा नहीं हुआ, तो बारी साहब के पास दूसरा उपाय था, जिसे काम में लाया जाता। ‘ये साले बंदी लोग मिली-भगत करके किसी का काम पूरा नहीं होने देते,’ इस तरह जोर-जोर से दहाड़ते हुए बारी साहब, जब संध्या समय पांच बजे भोजन परोसने का समय होता तब यह आदेश करते कि तीस पौंड तेल जब तक पूरा नहीं होगा तब तक भोजन नहीं मिलेगा। सवेरे छह