देख रहे थे। और उनमें भी कोई उपयुक्त अप्रत्यक्ष रोग से बीमार पड़ जाए तो उसकी गणना ढोंगी, नाटकियों में करके उसे पुनः इस कठोर परिश्रम के काम पर भेजा जाता। ऐसे कष्टभोगी पुरूषों में मेरे ज्येष्ठ बंधु की गणना प्रमुख रूप में की जाती।
पालतू बनाने का प्रयोग
एक तो उन्हें पहले से ही आधासीसी की बीमारी थी, उस पर बंदीगृह के ये मानसिक और शारीरिक कष्ट। ऊपर से कोल्हू में जुतना। और सबसे बड़ा अपराध यह कि इस प्रकार के अपार कष्टों से भी
देख रहे थे। और उनमें भी कोई उपयुक्त अप्रत्यक्ष रोग से बीमार पड़ जाए तो उसकी गणना ढोंगी, नाटकियों में करके उसे पुनः इस कठोर परिश्रम के काम पर भेजा जाता। ऐसे कष्टभोगी पुरूषों में मेरे ज्येष्ठ बंधु की गणना प्रमुख रूप में की जाती।
पालतू बनाने का प्रयोग
एक तो उन्हें पहले से ही आधासीसी की बीमारी थी, उस पर बंदीगृह के ये मानसिक और शारीरिक कष्ट। ऊपर से कोल्हू में जुतना। और सबसे बड़ा अपराध यह कि इस प्रकार के अपार कष्टों से भी