पूर्ववर्णित अन्य राजबंदियों की तरह वे अभी तक टूटे नहीं थे। उनके मुंह से अभी तक अवास्तविक जानकारी का अथवा तिरस्करणीय प्रार्थना का एक शब्द भी नहीं निकला था। अतः बारी जो उन राजबंदियों को स्पष्टतः हिंÛ, बर्बर कहता और जो स्वयं उनके सर्कस का चालक कहलाता था, आज भी उन्हें पालतू बनाने का प्रयोग कर ही रहा था। ऐसी अवस्था से टकराते और रउसके परिणामस्वरूप उन्हें पुनः भयंकर आधासीसी की व्यथा ने घेर लिया। प्रातःकाल कोल्हू में जुत जाने
पूर्ववर्णित अन्य राजबंदियों की तरह वे अभी तक टूटे नहीं थे। उनके मुंह से अभी तक अवास्तविक जानकारी का अथवा तिरस्करणीय प्रार्थना का एक शब्द भी नहीं निकला था। अतः बारी जो उन राजबंदियों को स्पष्टतः हिंÛ, बर्बर कहता और जो स्वयं उनके सर्कस का चालक कहलाता था, आज भी उन्हें पालतू बनाने का प्रयोग कर ही रहा था। ऐसी अवस्था से टकराते और रउसके परिणामस्वरूप उन्हें पुनः भयंकर आधासीसी की व्यथा ने घेर लिया। प्रातःकाल कोल्हू में जुत जाने