चुटकी भर तंबाकू
ऐसी त्रासद स्थिति में जिन बंदियों के लिए मलावरोध सर्वथा असंभव हो जाता, वे कोठरी में ही भूमि पर शौच कर लेते। रात भर आठ-दस फीट की उस कोठरी में मल के पास सिरहाना करके सोने के पश्चात् प्रातःकाल ताला खुलते ही भंगी की अनुनयविनय करते-‘तुम्हें चोरी-चोरी चुटकी भर तंबाकू दूंगा, तुम चुपचाप मैला साफ कर दो’ उसने बात मानी तो ठीक, अन्यथा किसी के पास तंबाकू ही नहीं होती तो वह मेहतर हो-हल्ला मचाकर जमादार के काम फूंक
चुटकी भर तंबाकू
ऐसी त्रासद स्थिति में जिन बंदियों के लिए मलावरोध सर्वथा असंभव हो जाता, वे कोठरी में ही भूमि पर शौच कर लेते। रात भर आठ-दस फीट की उस कोठरी में मल के पास सिरहाना करके सोने के पश्चात् प्रातःकाल ताला खुलते ही भंगी की अनुनयविनय करते-‘तुम्हें चोरी-चोरी चुटकी भर तंबाकू दूंगा, तुम चुपचाप मैला साफ कर दो’ उसने बात मानी तो ठीक, अन्यथा किसी के पास तंबाकू ही नहीं होती तो वह मेहतर हो-हल्ला मचाकर जमादार के काम फूंक