में बीच-बीच में दस्त लगते समय उसका अवरोध सह्म होने पर कोठरी में ही दस्त् करने पड़ते। परंतु संध्या होते ही दरवाजा खोलते समय यह बात प्रकट होती और गिन-गिनकर गालियां खानी पड़ती। पूरे बंदीगृह में उसकी चर्चा कराकर पुनः दंड ीुगतने अथवा बलात् वह मैला स्वयं साफ करने का प्रसंग टालने के लिए उस कूड़े के ढेर में दस्त करते और बाहर कूड़ा फंेकने के लिए संध्या पश्चात् जब छोड़ा जाता तब वह मैला चुपचाप फंेक देते। किसी को कानोकान खबर नहीं होती।
में बीच-बीच में दस्त लगते समय उसका अवरोध सह्म होने पर कोठरी में ही दस्त् करने पड़ते। परंतु संध्या होते ही दरवाजा खोलते समय यह बात प्रकट होती और गिन-गिनकर गालियां खानी पड़ती। पूरे बंदीगृह में उसकी चर्चा कराकर पुनः दंड ीुगतने अथवा बलात् वह मैला स्वयं साफ करने का प्रसंग टालने के लिए उस कूड़े के ढेर में दस्त करते और बाहर कूड़ा फंेकने के लिए संध्या पश्चात् जब छोड़ा जाता तब वह मैला चुपचाप फंेक देते। किसी को कानोकान खबर नहीं होती।