का उल्लेख होने लगा। एक राजबंदी की न केवल जानकारी वरन् प्रणाम भी दूसरे तक पहुंचाने के लिए अन्य लोगों को कड़ा निषेध किया जाता और अपराध में यदि कोई रंगे हाथ पकड़ा गया तो उसकी वाॅर्डरी निकाली जाती अथवा आठ दिन के लिए उसे कोल्हू पर भेजा जाता। परंतु उसी राजबंदी का सारा कच्चा चिट्ठा बारी साहब अन्य लोगों तक किसी भी तरह से पहुंचा देते थे। किसी भी तरह से का अभिप्राय है कि जिस योग से उनमें फूट डाली जा सके, उस तरह से बारी साहब जानते थे कि उन्होंने भले ही लाख हथकंडे चलाए,
का उल्लेख होने लगा। एक राजबंदी की न केवल जानकारी वरन् प्रणाम भी दूसरे तक पहुंचाने के लिए अन्य लोगों को कड़ा निषेध किया जाता और अपराध में यदि कोई रंगे हाथ पकड़ा गया तो उसकी वाॅर्डरी निकाली जाती अथवा आठ दिन के लिए उसे कोल्हू पर भेजा जाता। परंतु उसी राजबंदी का सारा कच्चा चिट्ठा बारी साहब अन्य लोगों तक किसी भी तरह से पहुंचा देते थे। किसी भी तरह से का अभिप्राय है कि जिस योग से उनमें फूट डाली जा सके, उस तरह से बारी साहब जानते थे कि उन्होंने भले ही लाख हथकंडे चलाए,