मुझे राजबंदियों का पूर्व इतिहास ज्ञात हो चुका है। अतः इस उद्देश्य से बारी साहब मुझे जानकारी देते, ताकि वे अपना पक्ष सिद्व कर सकें। इसमें उनकी प्रधान रटंत यह होती थी कि जो लोग उनके पिछलग्गू थे, उनकी भरपूर प्रशंसा करके और हड़ताल में हिस्सा न लेकर कारागृह में भी स्वयं को व्यर्थ अपमान अथवा गाली-गलौज से बचाते हुए अधिकारियों से निर्भीकतापूर्वक व्यवहार करते। उनकी
भरपूर निंदा और वह अहम बात जो इन दो उद्देश्यों से अनुमानित होती,
मुझे राजबंदियों का पूर्व इतिहास ज्ञात हो चुका है। अतः इस उद्देश्य से बारी साहब मुझे जानकारी देते, ताकि वे अपना पक्ष सिद्व कर सकें। इसमें उनकी प्रधान रटंत यह होती थी कि जो लोग उनके पिछलग्गू थे, उनकी भरपूर प्रशंसा करके और हड़ताल में हिस्सा न लेकर कारागृह में भी स्वयं को व्यर्थ अपमान अथवा गाली-गलौज से बचाते हुए अधिकारियों से निर्भीकतापूर्वक व्यवहार करते। उनकी
भरपूर निंदा और वह अहम बात जो इन दो उद्देश्यों से अनुमानित होती,