हम आपका आदर करते हैं परंतु यदि ऐसा करेंगे तो देखो! कहते हुए मुझे घसीटते हुए उन्होंने कोठरी में बंद किया।
प्रकरण-10
अग्रज के दर्शन
मेरे ज्येष्ठ बंधु और मैं-दोनों एक ही बंदीगृह में बंदी थे, फिर भी आज तक हमने एक-दूसरे को देखा नहीं था। मेरे आने से उनके ह्नदय को आघात पहुंचा था। उन्हें कारागार में जो यातनांए सहनी पड़ती, उन्हें सुनकर मेरा कलेजा फट जाता था। परंतु एक दिन ऐसे प्रसंग का सामना करना पड़ा जिसके सामने ऐसा लगा कि
हम आपका आदर करते हैं परंतु यदि ऐसा करेंगे तो देखो! कहते हुए मुझे घसीटते हुए उन्होंने कोठरी में बंद किया।
प्रकरण-10
अग्रज के दर्शन
मेरे ज्येष्ठ बंधु और मैं-दोनों एक ही बंदीगृह में बंदी थे, फिर भी आज तक हमने एक-दूसरे को देखा नहीं था। मेरे आने से उनके ह्नदय को आघात पहुंचा था। उन्हें कारागार में जो यातनांए सहनी पड़ती, उन्हें सुनकर मेरा कलेजा फट जाता था। परंतु एक दिन ऐसे प्रसंग का सामना करना पड़ा जिसके सामने ऐसा लगा कि