मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas



यह एक ही नुकीला मर्मभेदी उद्गार असह्म वेदनाओ-पीड़ाओं का तीक्ष्ण बाण था। वह मेरे ह्नदय में शूल की तरह घुस गया। परंतु बंधु ने इन शब्दों काा जोर से उच्चारण किया था, अतः यदि दोनों भाई एक-दूसरे से इसी तरह जोर-जोर से बोलने लगे तो अधिकारी का ध्यान इस ओर बंट जाएगा और सभी से पीछे खींच लिया। बस उसी एक क्षण बाद मुझे अपने बंधु से बिछुड़ना पड़ा। परंतु वह उद्गार मेरे मन में उसी तरह नासूर बनकर रह गया। उमड़ते हुए दुःखों से भरी एक गुप्त


521 of 2228



यह एक ही नुकीला मर्मभेदी उद्गार असह्म वेदनाओ-पीड़ाओं का तीक्ष्ण बाण था। वह मेरे ह्नदय में शूल की तरह घुस गया। परंतु बंधु ने इन शब्दों काा जोर से उच्चारण किया था, अतः यदि दोनों भाई एक-दूसरे से इसी तरह जोर-जोर से बोलने लगे तो अधिकारी का ध्यान इस ओर बंट जाएगा और सभी से पीछे खींच लिया। बस उसी एक क्षण बाद मुझे अपने बंधु से बिछुड़ना पड़ा। परंतु वह उद्गार मेरे मन में उसी तरह नासूर बनकर रह गया। उमड़ते हुए दुःखों से भरी एक गुप्त


521 of 2228