कैसे आ गए ं ं ं ंउस बात का और कार्य का क्या होगा ं ं ं ? तुम्हारी योग्यता, कर्तव्य सब मटियामेट होगा न? और बाल ं ं ंवह हमारा नन्हा बछड़ा ं ं ं ंकिसका मुंह ताकेगा? प्रत्यक्ष देखकर भी मुझे विश्वास नहीं हो रहा। समझ में नहीं आ रहा कि हाय! हाय! तुम यहां कैसे आ गए?’
मेरे मन की सहनशीलता को उतना तनाव कभी नहीं झेलना पड़ा था जितना उस
चिटठी का उत्तर लिखते समय झेलना पड़ा। उनके हर प्रश्न के साथ मुझे अपने ही प्रश्न कचोटते जा रहे थे।
कैसे आ गए ं ं ं ंउस बात का और कार्य का क्या होगा ं ं ं ? तुम्हारी योग्यता, कर्तव्य सब मटियामेट होगा न? और बाल ं ं ंवह हमारा नन्हा बछड़ा ं ं ं ंकिसका मुंह ताकेगा? प्रत्यक्ष देखकर भी मुझे विश्वास नहीं हो रहा। समझ में नहीं आ रहा कि हाय! हाय! तुम यहां कैसे आ गए?’
मेरे मन की सहनशीलता को उतना तनाव कभी नहीं झेलना पड़ा था जितना उस
चिटठी का उत्तर लिखते समय झेलना पड़ा। उनके हर प्रश्न के साथ मुझे अपने ही प्रश्न कचोटते जा रहे थे।