लोदी के ुल उतरते और आस्टर्लिट्ज पर विजय पाते हुए भी नेपोलियन आखिर खाट पर रोगग्रस्त होकर मरता है और एक रानी लक्ष्मीबाई दूसरी-तीसरी लड़ाई में ही तलवार के गहरे घाव से मरती है। कोई सैनिक तो पहली ही मुठभेड़ में गोली का शिकार बनकर धराशायी हो जाता है। प्रायः उसका कर्तव्य इस संयोग से सिद्व नहीं होता। तो ‘इस प्रथम भिड़ंत में ही मैं पीछे छिपकर जीवित रहंू और अन्य जन आगे बढ़कर मृत्यु मुख में चले जाएं और युद्व में विजयी होने के पश्चात्
लोदी के ुल उतरते और आस्टर्लिट्ज पर विजय पाते हुए भी नेपोलियन आखिर खाट पर रोगग्रस्त होकर मरता है और एक रानी लक्ष्मीबाई दूसरी-तीसरी लड़ाई में ही तलवार के गहरे घाव से मरती है। कोई सैनिक तो पहली ही मुठभेड़ में गोली का शिकार बनकर धराशायी हो जाता है। प्रायः उसका कर्तव्य इस संयोग से सिद्व नहीं होता। तो ‘इस प्रथम भिड़ंत में ही मैं पीछे छिपकर जीवित रहंू और अन्य जन आगे बढ़कर मृत्यु मुख में चले जाएं और युद्व में विजयी होने के पश्चात्