मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

निंदा करते उन राजबंदियों के मुख मेरी नीति के समर्थन से शांत हो गए थे। कुल मिलाकर ये वार्त्ताएं बारी तक गुप्त रूप में नित्य पहंुच रही थी, एससे यही संभावना दिख रही थी कि शीघ्र ही मैं उन ‘अशिष्ट बर्बरों’ का शिरोमणि बननेवाला हूं। इसकी टोह लेने के लिए कि कहीं मैं उन कोल्हू पेरने के लिए मना तो नहीं कर रहा और ऐसा करने से परावृत्त करने के लिए बारी में मुझे बुलावा भेजा था। बहुत देर तक गपशप लड़ाने के बाद अंत में उन्होंने कहा, ‘‘मैं


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निंदा करते उन राजबंदियों के मुख मेरी नीति के समर्थन से शांत हो गए थे। कुल मिलाकर ये वार्त्ताएं बारी तक गुप्त रूप में नित्य पहंुच रही थी, एससे यही संभावना दिख रही थी कि शीघ्र ही मैं उन ‘अशिष्ट बर्बरों’ का शिरोमणि बननेवाला हूं। इसकी टोह लेने के लिए कि कहीं मैं उन कोल्हू पेरने के लिए मना तो नहीं कर रहा और ऐसा करने से परावृत्त करने के लिए बारी में मुझे बुलावा भेजा था। बहुत देर तक गपशप लड़ाने के बाद अंत में उन्होंने कहा, ‘‘मैं


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