मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

हम नीचे आंगन में खड़े अपने इष्ट मित्रों से वार्त्तालाप किए बिना नहीं रहते। कई बार एक व्यक्ति अर्थशास्त्र अथवा राजनीति को लेकर शंकाएं करता और उनका समाधान उस अध्यापक द्वारा होता जो खिड़की पर लटका रहता। इतने में किसी वाॅर्डर या जमादार का खखारना कानों में पड़ते ही हड़बड़ाए हुए शिष्य और आचार्य दोनों को ही वहां से चंपत होते-होते नाकों दम आ जाता। ऐसे समय एकदम खिड़की से नीचे कूदने की हड़बड़ाहट में कई बार राजबंदी धड़ाम से नीचे गिर जाते


573 of 2228

हम नीचे आंगन में खड़े अपने इष्ट मित्रों से वार्त्तालाप किए बिना नहीं रहते। कई बार एक व्यक्ति अर्थशास्त्र अथवा राजनीति को लेकर शंकाएं करता और उनका समाधान उस अध्यापक द्वारा होता जो खिड़की पर लटका रहता। इतने में किसी वाॅर्डर या जमादार का खखारना कानों में पड़ते ही हड़बड़ाए हुए शिष्य और आचार्य दोनों को ही वहां से चंपत होते-होते नाकों दम आ जाता। ऐसे समय एकदम खिड़की से नीचे कूदने की हड़बड़ाहट में कई बार राजबंदी धड़ाम से नीचे गिर जाते


573 of 2228