चसनदहमक पद कममच जीवनहीज ंहंपद’ पुनः विचारों में खो जाती।
इस तरह आंधी-पानी थमने से कभी-कभी किसी नौसिखिए मनुष्य की आत्मोपहासात्मक प्रवत्तिा उजागर हो जाए और इस बैठक की हेयता का प्रतिभास होने लगे तो मैं ईसाइयों की ‘भागती प्रार्थनाओं’ का स्मरण दिलाता। यहूदियों के चंगुल में अपना धार्मिक आचार तथा धार्मिक संघ का नियम ईसाइयों को प्रथमतः जब पालन करना पड़ा तब कभी सुरंग में कब्र के सामने, कभी कारागृह में प्रार्थना के लिए घुटने टेकते
चसनदहमक पद कममच जीवनहीज ंहंपद’ पुनः विचारों में खो जाती।
इस तरह आंधी-पानी थमने से कभी-कभी किसी नौसिखिए मनुष्य की आत्मोपहासात्मक प्रवत्तिा उजागर हो जाए और इस बैठक की हेयता का प्रतिभास होने लगे तो मैं ईसाइयों की ‘भागती प्रार्थनाओं’ का स्मरण दिलाता। यहूदियों के चंगुल में अपना धार्मिक आचार तथा धार्मिक संघ का नियम ईसाइयों को प्रथमतः जब पालन करना पड़ा तब कभी सुरंग में कब्र के सामने, कभी कारागृह में प्रार्थना के लिए घुटने टेकते