भागती बैठक के अतिरिक्त जो दूसरा महत्तवपूर्ण साधन हम शिक्षा प्रसारार्थ प्रयुक्त कर रहे थे, वह था चूने से पोती हुई कोठरी की दीवारें और छोटी-छोटी कीलें तथा रामबांस (केतकी की जाति का एक पौधा, जिसके पत्तों को कूटकर रस्सियां बनाते हैं)के कांटे। बंदीगृह में राजबंदियों के पेंसिल तथा कागज रखने पर प्रतिबंध था। उनके शरीर तथा कोठरियों की कसकर तलाशी ली जाती, तथापि प्रायः प्रत्येक राजबंदी के पास अंगुली भर चिट्ठी लिखने योग्य कागज का टुकड़ा और पेंसिल के सीसे की
भागती बैठक के अतिरिक्त जो दूसरा महत्तवपूर्ण साधन हम शिक्षा प्रसारार्थ प्रयुक्त कर रहे थे, वह था चूने से पोती हुई कोठरी की दीवारें और छोटी-छोटी कीलें तथा रामबांस (केतकी की जाति का एक पौधा, जिसके पत्तों को कूटकर रस्सियां बनाते हैं)के कांटे। बंदीगृह में राजबंदियों के पेंसिल तथा कागज रखने पर प्रतिबंध था। उनके शरीर तथा कोठरियों की कसकर तलाशी ली जाती, तथापि प्रायः प्रत्येक राजबंदी के पास अंगुली भर चिट्ठी लिखने योग्य कागज का टुकड़ा और पेंसिल के सीसे की