इस तरह के अंगुली भर कागजी टुकड़े चिट्ठी लिखने के लिए भले ही उपयुक्त हों, शिक्षा के लिए निबंध लेखनार्थ अथवा टिप्पणियां लिखने के लिए उपयुक्त नहीं थे। हमारे पहले ही वर्ष में इस तरह की एक अड़चन का प्रसंग सामने आया। हम आर.पी.पी के एक प्रसिद्व भू-गर्भशास्त्री गं्रथ का पारायण कर रहे थे। बचपन से ही हमें आदत थी कि पुस्तक पढ़ते ही एक बही में उसका महत्तवपूर्ण सारांश उतार लेते ताकि उसे स्मृति में संचित कर सकें। आदत के अनुसार उस भौगर्भिक
इस तरह के अंगुली भर कागजी टुकड़े चिट्ठी लिखने के लिए भले ही उपयुक्त हों, शिक्षा के लिए निबंध लेखनार्थ अथवा टिप्पणियां लिखने के लिए उपयुक्त नहीं थे। हमारे पहले ही वर्ष में इस तरह की एक अड़चन का प्रसंग सामने आया। हम आर.पी.पी के एक प्रसिद्व भू-गर्भशास्त्री गं्रथ का पारायण कर रहे थे। बचपन से ही हमें आदत थी कि पुस्तक पढ़ते ही एक बही में उसका महत्तवपूर्ण सारांश उतार लेते ताकि उसे स्मृति में संचित कर सकें। आदत के अनुसार उस भौगर्भिक