जिससे दूर-दूर तक अंधेरा छा गया। मात्र विनाश की अंधी प्रवत्तिा किस तरह अपने ही पैरांे पर कुल्हाड़ी मारती है, यह सब फ्रांस की राज्य क्रांति से सीखकर यथासंभव विघातक शक्ति का प्रतिरोध करना चाहिए। चीन में भी प्रजातंत्र (गणतंत्र- त्मचनइसपब)स्थापित होते ही प्रथम उसको शासनशास्त्र में निपुण लोगों के अभाव का सामना करना पड़ा, ऐसे विशेषज्ञों को विदेश से लाना पड़ा। अर्थात् मात्र चीन के हित की ओर ध्यान देना और अपने ही स्वजातियों की तदर्थ हानि करना,
जिससे दूर-दूर तक अंधेरा छा गया। मात्र विनाश की अंधी प्रवत्तिा किस तरह अपने ही पैरांे पर कुल्हाड़ी मारती है, यह सब फ्रांस की राज्य क्रांति से सीखकर यथासंभव विघातक शक्ति का प्रतिरोध करना चाहिए। चीन में भी प्रजातंत्र (गणतंत्र- त्मचनइसपब)स्थापित होते ही प्रथम उसको शासनशास्त्र में निपुण लोगों के अभाव का सामना करना पड़ा, ऐसे विशेषज्ञों को विदेश से लाना पड़ा। अर्थात् मात्र चीन के हित की ओर ध्यान देना और अपने ही स्वजातियों की तदर्थ हानि करना,