बात बताई कि पत्र भेजने जैसी मूर्खतापूर्ण बात और कोई नहीं हो सकती, क्यांेकि उस पत्र को प्रकाशित करने के अपराध में ‘बंगाली’ समाचार-पत्र पर अभियोग चलाया गया और उसका छापाखाना जब्त कर लिया गया। ‘इतना बड़ा, दो-तीन लाख का घाटा इस होतीलाल की मूर्खता से हो गया और इस तरह के पत्र भेजने के कारण अंदमान के अधिकारी अब हम पर बहुत ही कठोरता से अत्याचार करेंगे। मिथ्या विधान करने के अपराध में होतीलाल के दंड में भी अब वृद्वि होगी। कितना निंदनीय
बात बताई कि पत्र भेजने जैसी मूर्खतापूर्ण बात और कोई नहीं हो सकती, क्यांेकि उस पत्र को प्रकाशित करने के अपराध में ‘बंगाली’ समाचार-पत्र पर अभियोग चलाया गया और उसका छापाखाना जब्त कर लिया गया। ‘इतना बड़ा, दो-तीन लाख का घाटा इस होतीलाल की मूर्खता से हो गया और इस तरह के पत्र भेजने के कारण अंदमान के अधिकारी अब हम पर बहुत ही कठोरता से अत्याचार करेंगे। मिथ्या विधान करने के अपराध में होतीलाल के दंड में भी अब वृद्वि होगी। कितना निंदनीय