मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

सैकड़ों-हजारों की संख्या में राजबंदी अंदमान में आएंगे। ऐसी स्थिति में पहला ही दल यदि गरदन तोड़ श्रम करना पड़ेगा। अन्यथा उस गरदन तोड़ श्रम से बचने के संघर्ष का बोझ उसे उठाना पड़ेगा, तो फिर हम ही उस संघर्ष का श्रीगणेश करके आगे आनेवाले राजबंदियों का


मार्ग यथासंभव कम कंटकमय क्यों न करें? राजबंदी वर्ग की ही स्थिति एवं योग्यता यथासंभव उच्चकोटी की क्यों न निश्चित करवा लें? इससे भी आगे एक पग बढ़कर मैं तो यह कहूंग कि अपने कारागारीय


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सैकड़ों-हजारों की संख्या में राजबंदी अंदमान में आएंगे। ऐसी स्थिति में पहला ही दल यदि गरदन तोड़ श्रम करना पड़ेगा। अन्यथा उस गरदन तोड़ श्रम से बचने के संघर्ष का बोझ उसे उठाना पड़ेगा, तो फिर हम ही उस संघर्ष का श्रीगणेश करके आगे आनेवाले राजबंदियों का


मार्ग यथासंभव कम कंटकमय क्यों न करें? राजबंदी वर्ग की ही स्थिति एवं योग्यता यथासंभव उच्चकोटी की क्यों न निश्चित करवा लें? इससे भी आगे एक पग बढ़कर मैं तो यह कहूंग कि अपने कारागारीय


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