कौंसिल अथवा स्वदेशी प्रचार अथवा अन्य घटनाओं से संबंधित बातें नगण्य। ये बातें उनकी समझ से परे थी। अर्थात् यह स्थिति प्रथम चार-पांच वर्षों की है। आगे किसी तरह अंतर आता रहा, वह बाद में बताया जाएगा।
समाचार प्राप्त करने के लिए चालान के इस साधन की एक-दो युक्तियांे के उदाहरण कथनीय हैं। कुछ लोगों को अंदमान के लिए प्रस्थान करते समय हिंदुस्थान के राजबंदी मिलते तो वे अंदमान भेजे गए अपने कुछ ‘अभियुक्तों’ को अर्थात् उनके अभियोग
कौंसिल अथवा स्वदेशी प्रचार अथवा अन्य घटनाओं से संबंधित बातें नगण्य। ये बातें उनकी समझ से परे थी। अर्थात् यह स्थिति प्रथम चार-पांच वर्षों की है। आगे किसी तरह अंतर आता रहा, वह बाद में बताया जाएगा।
समाचार प्राप्त करने के लिए चालान के इस साधन की एक-दो युक्तियांे के उदाहरण कथनीय हैं। कुछ लोगों को अंदमान के लिए प्रस्थान करते समय हिंदुस्थान के राजबंदी मिलते तो वे अंदमान भेजे गए अपने कुछ ‘अभियुक्तों’ को अर्थात् उनके अभियोग