पड़ता कि कम-से-कम मैं तो कभी उन्हें यह कार्य करने के लिए नहीं कहता। परंतु ऐसी विकट अवस्था में भी और उस ‘पानी के उपनिवेश’ में भी कुछ ऐसे महाभाग निकले, जो इस प्रकार का साहस करके राजबंदियों को एकाध महत्तवपूर्ण वृत्तपत्रीय टुकड़ा भेजने तथा उसे लेकर भीतर आने की हिम्मत करते। ऐसे साहसी लोगों को कभी-कभी पकड़े जाने पर कड़े-से-कड़े दंड मिलते, नौकरी छूटती, परंतु फिर भी कोई-न-कोई साहस करता ही था। राजबंदियों की संगत से तथा उपदेश से जैसे-जैसे
पड़ता कि कम-से-कम मैं तो कभी उन्हें यह कार्य करने के लिए नहीं कहता। परंतु ऐसी विकट अवस्था में भी और उस ‘पानी के उपनिवेश’ में भी कुछ ऐसे महाभाग निकले, जो इस प्रकार का साहस करके राजबंदियों को एकाध महत्तवपूर्ण वृत्तपत्रीय टुकड़ा भेजने तथा उसे लेकर भीतर आने की हिम्मत करते। ऐसे साहसी लोगों को कभी-कभी पकड़े जाने पर कड़े-से-कड़े दंड मिलते, नौकरी छूटती, परंतु फिर भी कोई-न-कोई साहस करता ही था। राजबंदियों की संगत से तथा उपदेश से जैसे-जैसे