आगे-पीछे ही एक गप यह फैल गई कि राजबंदियों की आशाएं अचानक सर्वथा फलित होंगी। यह भी गप फैल गई कि इंग्लैंड में राज्यरोहण के बाद जाॅर्ज हिंदुस्थान आएंगे। समारोह संपन्न होगा और आश्चर्यजनक बात यह कि उस राज्यारोहण समारोह की प्रसन्नता में सभी राजबंदी-‘मैं’ भी- मुक्त हो जाएंगे।
मुक्ति की आशा
सूखे में अत्यंत क्षुधित लोगों के झुंड जहां-जहां भिक्षा मांगने के लिए इकट्ठे किए जाते हैं वहां-वहां ये शब्द सुनते ही कि भिक्षा आ गई, उनकी
आगे-पीछे ही एक गप यह फैल गई कि राजबंदियों की आशाएं अचानक सर्वथा फलित होंगी। यह भी गप फैल गई कि इंग्लैंड में राज्यरोहण के बाद जाॅर्ज हिंदुस्थान आएंगे। समारोह संपन्न होगा और आश्चर्यजनक बात यह कि उस राज्यारोहण समारोह की प्रसन्नता में सभी राजबंदी-‘मैं’ भी- मुक्त हो जाएंगे।
मुक्ति की आशा
सूखे में अत्यंत क्षुधित लोगों के झुंड जहां-जहां भिक्षा मांगने के लिए इकट्ठे किए जाते हैं वहां-वहां ये शब्द सुनते ही कि भिक्षा आ गई, उनकी