मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

आत्मा में जो छटपटाहट होती है और इस चिंता से कि मुझे मिलने से पहले ही कहीं भिक्षा खत्म तो नहीं हो जाएगी, उनके प्राण जैसे उड़ने लगते हैं, ठीक वैसी ही अवस्था ‘जुबली होगी’ शब्दों के साथ-साथ ही मुक्ति होगी, अथवा कम-से-कम छूट मिलेगी, जैसी गप से बंदीवानों की होती है। यहां-वहां हर रोज यह बात फैल जाती है और हर किसी के मुख प्रफुल्लित दिखाई देने लगते हैं। प्रत्येक बंदी जानता है कि इस उत्सव के समय जो नाम जाएंगे उनमें उसका क्रमांक,


694 of 2228

आत्मा में जो छटपटाहट होती है और इस चिंता से कि मुझे मिलने से पहले ही कहीं भिक्षा खत्म तो नहीं हो जाएगी, उनके प्राण जैसे उड़ने लगते हैं, ठीक वैसी ही अवस्था ‘जुबली होगी’ शब्दों के साथ-साथ ही मुक्ति होगी, अथवा कम-से-कम छूट मिलेगी, जैसी गप से बंदीवानों की होती है। यहां-वहां हर रोज यह बात फैल जाती है और हर किसी के मुख प्रफुल्लित दिखाई देने लगते हैं। प्रत्येक बंदी जानता है कि इस उत्सव के समय जो नाम जाएंगे उनमें उसका क्रमांक,


694 of 2228