मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

का आलिगंन करने के लिए अपने मन को तैयार कर रहे थे। परंतु एक बार एक अधिकारी, जो हमसे सहानुभूति रखते थे, डोंगरी के कारागार में मिलने आए और उन्होंने कहा कि अबकी बार आपको फांसी ही होगी, तब मन-ही-मन हम उस सज्जन पर क्रोधित हो ही गए। हमें आज भी स्मरण है कि विवेक की सहायता से हमें उस क्रोध पर किस तरह नियंत्रण करना पड़ा।

पूर्व प्रसंग की इन्हीं स्मृतियों के कारण कठोर तथा निराशाप्रवण बने हमारे मन पर इस समाचार कि कि राज्यारोहण के


700 of 2228

का आलिगंन करने के लिए अपने मन को तैयार कर रहे थे। परंतु एक बार एक अधिकारी, जो हमसे सहानुभूति रखते थे, डोंगरी के कारागार में मिलने आए और उन्होंने कहा कि अबकी बार आपको फांसी ही होगी, तब मन-ही-मन हम उस सज्जन पर क्रोधित हो ही गए। हमें आज भी स्मरण है कि विवेक की सहायता से हमें उस क्रोध पर किस तरह नियंत्रण करना पड़ा।

पूर्व प्रसंग की इन्हीं स्मृतियों के कारण कठोर तथा निराशाप्रवण बने हमारे मन पर इस समाचार कि कि राज्यारोहण के


700 of 2228