जिसे अभी पूरे डेढ़-दो वर्ष भी नहीं हुए थे। इतनी अल्पावधि मंे इतने पैसांे पर तथा कष्टों की कमाई पर पानी फेरकर उनके समान भयंकर समझे जानेवाले लोगों को इतनी सहजता के साथ बंदीगृह के द्वार खोलकर चाहे जहां क्योंकर जाने दिया जाएगा? मुझे यह नहीं लग रहा था, तथापि आयरलैंड, इटली, रूस आदि उदाहरणों से मैंने यह भी दिखाया कि राजनीतिक इतिहास में इस प्रकार की असंभाव्य घटनाएं भी संभवनीय होती हैं। यद्यपि मनुष्य को सर्वथा निराश कभी नहीं होना
जिसे अभी पूरे डेढ़-दो वर्ष भी नहीं हुए थे। इतनी अल्पावधि मंे इतने पैसांे पर तथा कष्टों की कमाई पर पानी फेरकर उनके समान भयंकर समझे जानेवाले लोगों को इतनी सहजता के साथ बंदीगृह के द्वार खोलकर चाहे जहां क्योंकर जाने दिया जाएगा? मुझे यह नहीं लग रहा था, तथापि आयरलैंड, इटली, रूस आदि उदाहरणों से मैंने यह भी दिखाया कि राजनीतिक इतिहास में इस प्रकार की असंभाव्य घटनाएं भी संभवनीय होती हैं। यद्यपि मनुष्य को सर्वथा निराश कभी नहीं होना