करते। इन्हीं सज्जनों में से राजबंदी अंदमान में आने तथा नियमित रूप से उन्हीं की वाॅर्डर के रूप में नियुक्ति होने
से वे अपनी रोटियों की आपूर्ति प्रायः अन्य बंदियों की रोटियांे से उन पर धाक जमाकर अथवा घूसखोरी द्वारा करवाते। बेचारे उन बंदियों को केवल चावल पर ही अपना गुजारा करना पड़ता और वाॅर्डर महाशय के कटोरे में गुपचुप अपनी रोटियां डालनी पड़ती अन्यथा उन्हें धमकी खानी पड़ती, ‘देख लेंगे बच्चू तेरे को।’ फिर उन्हें काम में तंग करने,
करते। इन्हीं सज्जनों में से राजबंदी अंदमान में आने तथा नियमित रूप से उन्हीं की वाॅर्डर के रूप में नियुक्ति होने
से वे अपनी रोटियों की आपूर्ति प्रायः अन्य बंदियों की रोटियांे से उन पर धाक जमाकर अथवा घूसखोरी द्वारा करवाते। बेचारे उन बंदियों को केवल चावल पर ही अपना गुजारा करना पड़ता और वाॅर्डर महाशय के कटोरे में गुपचुप अपनी रोटियां डालनी पड़ती अन्यथा उन्हें धमकी खानी पड़ती, ‘देख लेंगे बच्चू तेरे को।’ फिर उन्हें काम में तंग करने,