बात उस पेटी अफसर के समझते ही उसने हिंदुओं की पंक्ति में
घुसकर उस हिंदू बंदी के पास एक फूटी नारियल की खोपड़ी की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘ऐ हरामी, यह नरोटी क्यों ली?’’ क्यांेकि जेल में फूटी नरोटी पास रखना भी अपराध है, इसलिए ‘तुमने नरोटी क्यों रखी’ कहते-कहते उस बलुची मुसलमान ने उस हिंदू बंदी की चोटी पकड़ी और उसकी पीठ पर लातों से प्रहार करने लगा और झटके मारता हुआ एसे तब तक काफर, चोटीवाला काफर, कहता हुआ गालियों की बौछार करता
बात उस पेटी अफसर के समझते ही उसने हिंदुओं की पंक्ति में
घुसकर उस हिंदू बंदी के पास एक फूटी नारियल की खोपड़ी की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘ऐ हरामी, यह नरोटी क्यों ली?’’ क्यांेकि जेल में फूटी नरोटी पास रखना भी अपराध है, इसलिए ‘तुमने नरोटी क्यों रखी’ कहते-कहते उस बलुची मुसलमान ने उस हिंदू बंदी की चोटी पकड़ी और उसकी पीठ पर लातों से प्रहार करने लगा और झटके मारता हुआ एसे तब तक काफर, चोटीवाला काफर, कहता हुआ गालियों की बौछार करता