जो इस बंदी ने नहीं दिया। इसीलिए उसने उसे इतनी नृशंसता से मारा। तब मुझपर दहाड़ते हुए ‘छोटे बारी’ ने कहा, ‘‘ हुजूर, ये बड़े बाबू हर समय हम मुसलमानों के खिलाफ झूठी गवाही देते हैं।’’ मैंने बंदीपाल को बताया, ‘‘ठीक है, मैं झूठी गवाही देता हूं न? तो फिर एक और झूठी बात कहता हूं कि अब इसी समय उस टीन की टपरी में इस बलूची अफसर ने चोरी-चोरी दही का लोटा भरके रखा हुआ है। चलिए, मैं दिखाता हूं।’’
दही का लोटा
बंदीपाल को मेरे साथ आना ही पड़ा। वह मिर्जा खान,
जो इस बंदी ने नहीं दिया। इसीलिए उसने उसे इतनी नृशंसता से मारा। तब मुझपर दहाड़ते हुए ‘छोटे बारी’ ने कहा, ‘‘ हुजूर, ये बड़े बाबू हर समय हम मुसलमानों के खिलाफ झूठी गवाही देते हैं।’’ मैंने बंदीपाल को बताया, ‘‘ठीक है, मैं झूठी गवाही देता हूं न? तो फिर एक और झूठी बात कहता हूं कि अब इसी समय उस टीन की टपरी में इस बलूची अफसर ने चोरी-चोरी दही का लोटा भरके रखा हुआ है। चलिए, मैं दिखाता हूं।’’
दही का लोटा
बंदीपाल को मेरे साथ आना ही पड़ा। वह मिर्जा खान,