जमादार के साथियों को बचाना चाहता था, परंतु मेरे बीच में पड़ते ही महाशय उठ गए। उस टपरी में नरोटियों के ढेर के नीचे उस बलूची पेटी अफसर का दही से भरा हुआ लोटा मिल गया। गवाही मेरी ही थी। सुपरिंटेंडेंट के सामने अकारण उस हिंदू बंदी पर किए हुए क्रूर अत्याचारों की तथा ‘काफर-काफर’ की रट लगाकर उसकी चोटी उखाड़ने की जानकारी दी। जो मैंने कहा वही उसके शरीर पर पड़े निशानों तथा दही के लोटे ने भी बताया।
पर्यवेक्षक (सुपरिंटेंडंेट) क्रोध
जमादार के साथियों को बचाना चाहता था, परंतु मेरे बीच में पड़ते ही महाशय उठ गए। उस टपरी में नरोटियों के ढेर के नीचे उस बलूची पेटी अफसर का दही से भरा हुआ लोटा मिल गया। गवाही मेरी ही थी। सुपरिंटेंडेंट के सामने अकारण उस हिंदू बंदी पर किए हुए क्रूर अत्याचारों की तथा ‘काफर-काफर’ की रट लगाकर उसकी चोटी उखाड़ने की जानकारी दी। जो मैंने कहा वही उसके शरीर पर पड़े निशानों तथा दही के लोटे ने भी बताया।
पर्यवेक्षक (सुपरिंटेंडंेट) क्रोध