करके अथवा स्वयं भोजन से संबंधित उनकी शिकायतों को सुनकर उसके विरूद्व लड़कर उन्होंने पांच-छह वर्षों में बंदियों के भोजन में ठोस परिवर्तन करवाया। आगे चलकर एक अच्छा पर्यवेक्षक आ गया और उसके आने तथा उसकी भलाई जाग्रत रखने में हिंदुस्थान स्थित समाचार-पत्रों तथा कौंसिलों में अंदमान विषयक जो चर्चा छिड़ गई थी, कष्ट बहुतांश में कम हो गए।
भोजन खराब, स्वास्थ्य विघातक और किंचित प्रसंग में कम मिलने से जितना कष्ट होता, उतना ही कष्ट भोजन
करके अथवा स्वयं भोजन से संबंधित उनकी शिकायतों को सुनकर उसके विरूद्व लड़कर उन्होंने पांच-छह वर्षों में बंदियों के भोजन में ठोस परिवर्तन करवाया। आगे चलकर एक अच्छा पर्यवेक्षक आ गया और उसके आने तथा उसकी भलाई जाग्रत रखने में हिंदुस्थान स्थित समाचार-पत्रों तथा कौंसिलों में अंदमान विषयक जो चर्चा छिड़ गई थी, कष्ट बहुतांश में कम हो गए।
भोजन खराब, स्वास्थ्य विघातक और किंचित प्रसंग में कम मिलने से जितना कष्ट होता, उतना ही कष्ट भोजन