वास्तव में अन्य बंदियों को प्रायः छह महीनों में ही जेल से मुक्त करते हुए बाहर भेजा जाता, परंतु जब अन्य बंदियों को कारागार से बाहर निकाला जाता तब कहीं हमें कोठरी से बाहर निकाला जाता।¹ परंतु वह भी अन्य बंदियों की तरह लोगों में घुल-मिलकर बैठने के लिए नहीं, अपितु केवल कोठरी के विजनवास से निकलकर द्वार के आगे इमारत के निर्जन अहाते में बैठने के लिए। इतनी कड़ी व्यवस्था रखी जाती कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था, न ही कोई हमसे
वास्तव में अन्य बंदियों को प्रायः छह महीनों में ही जेल से मुक्त करते हुए बाहर भेजा जाता, परंतु जब अन्य बंदियों को कारागार से बाहर निकाला जाता तब कहीं हमें कोठरी से बाहर निकाला जाता।¹ परंतु वह भी अन्य बंदियों की तरह लोगों में घुल-मिलकर बैठने के लिए नहीं, अपितु केवल कोठरी के विजनवास से निकलकर द्वार के आगे इमारत के निर्जन अहाते में बैठने के लिए। इतनी कड़ी व्यवस्था रखी जाती कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था, न ही कोई हमसे