से कइयों को नीच तथा दुष्ट पेटी अफसरों द्वारा दी गई इतनी अश्लील, भद्दी
गालियां खानी पड़तीं, जिनका इस लेख में उच्चारण भी नहीं किया जा सकता। उनमें से कई शिक्षित थे, प्रायः सभी कुलीन तथा संभ्रांत खानदान के और इतने निर्भीक कि लोकहित बुद्वि से प्ररित होकर इस तरह के संकटों का सामना कर सकते थे-उन्होंने उस अवस्था में भी दिन गुजारे। उनमें से कुछ लोगों ने न केवल कालयापन ही किया अपितु उन संकटों से दो-दो हाथ करके उन अत्याचारियों
से कइयों को नीच तथा दुष्ट पेटी अफसरों द्वारा दी गई इतनी अश्लील, भद्दी
गालियां खानी पड़तीं, जिनका इस लेख में उच्चारण भी नहीं किया जा सकता। उनमें से कई शिक्षित थे, प्रायः सभी कुलीन तथा संभ्रांत खानदान के और इतने निर्भीक कि लोकहित बुद्वि से प्ररित होकर इस तरह के संकटों का सामना कर सकते थे-उन्होंने उस अवस्था में भी दिन गुजारे। उनमें से कुछ लोगों ने न केवल कालयापन ही किया अपितु उन संकटों से दो-दो हाथ करके उन अत्याचारियों