जैसे भीतर दिया गया था। बाहर यदि कोई बंदी बीमार पड़ जाए तो उस बहाने से उसे बाहर के सापेक्षतः अधिक सुविधाजनक रूग्णालय में भेजा जाता। परंतु यदि राजबंदी बीमार पड़े तो उसे अपने बीमार होने का भी अपराध की तरह दंड भुगतना पड़ता; क्यांेकि उसे तुरंत उस ज्वर में अथवा दस्त के चलते अपना बिस्तर सिर पर उठाकर अपनी थाली हाथ में पकड़कर दो-चार-पांच मील दूर पैदल जाकर पुनः उस सेल्युलर कारागृह का भीषण द्वार देखना पड़ता और भीतर प्रवेश करते ही कोठरी
जैसे भीतर दिया गया था। बाहर यदि कोई बंदी बीमार पड़ जाए तो उस बहाने से उसे बाहर के सापेक्षतः अधिक सुविधाजनक रूग्णालय में भेजा जाता। परंतु यदि राजबंदी बीमार पड़े तो उसे अपने बीमार होने का भी अपराध की तरह दंड भुगतना पड़ता; क्यांेकि उसे तुरंत उस ज्वर में अथवा दस्त के चलते अपना बिस्तर सिर पर उठाकर अपनी थाली हाथ में पकड़कर दो-चार-पांच मील दूर पैदल जाकर पुनः उस सेल्युलर कारागृह का भीषण द्वार देखना पड़ता और भीतर प्रवेश करते ही कोठरी