के भय अथवा डराने-धमकाने की परवाह न करते हुए स्पष्ट शब्दों में बताया कि इंदु कष्टों से ऊबकर मरा था। इंदु और मेरे बीच में जो संभाषण हुआ था वह भी मैंने सबको बताया। परंतु पूछताछ में बारी मुझे गवाही के लिए नहीं बुला रहा था। संध्या समय बारी मेरे पास आया और मुझे पुचकारते हुए कहने लगा कि स्वयं इंदु ने लिखा है कि मैं आपसी कलहवश मरने जा रहा हूं। तब मैंने कहा, ‘‘तोफिर वह चिट्ठी सामने क्यों नहीं आई? पूछताछ में बात बढ़ाने की अपेक्षायह
के भय अथवा डराने-धमकाने की परवाह न करते हुए स्पष्ट शब्दों में बताया कि इंदु कष्टों से ऊबकर मरा था। इंदु और मेरे बीच में जो संभाषण हुआ था वह भी मैंने सबको बताया। परंतु पूछताछ में बारी मुझे गवाही के लिए नहीं बुला रहा था। संध्या समय बारी मेरे पास आया और मुझे पुचकारते हुए कहने लगा कि स्वयं इंदु ने लिखा है कि मैं आपसी कलहवश मरने जा रहा हूं। तब मैंने कहा, ‘‘तोफिर वह चिट्ठी सामने क्यों नहीं आई? पूछताछ में बात बढ़ाने की अपेक्षायह