‘न्ससंेांत पे वदम व िजीम दवइसमेज इवलण् प् ींअम मअमत ेममद इनज ीम पे जवव पकमंसपेजपबण्’ उस ‘उदात्त युवक’ की इस कठोर कारागृह में कैसी दुर्गत बनी, वह उसी के शब्दों में सुनें-
‘हमारे हिंदुस्थान में जिस तरह कोल्हू होता है उसी तरह के एक कोल्हू में मुझे जाता गया। हमारे देश में ये कोल्हू बैल चलाते हैं। ये बैल दिन भर कोल्हू के इर्दगिर्द चक्कर काटकर अधिक-से-अधिक सोलह पौंड सरसों का तेल निकालते हैं, परंतु अंदमान में बैलों के स्ािान
‘न्ससंेांत पे वदम व िजीम दवइसमेज इवलण् प् ींअम मअमत ेममद इनज ीम पे जवव पकमंसपेजपबण्’ उस ‘उदात्त युवक’ की इस कठोर कारागृह में कैसी दुर्गत बनी, वह उसी के शब्दों में सुनें-
‘हमारे हिंदुस्थान में जिस तरह कोल्हू होता है उसी तरह के एक कोल्हू में मुझे जाता गया। हमारे देश में ये कोल्हू बैल चलाते हैं। ये बैल दिन भर कोल्हू के इर्दगिर्द चक्कर काटकर अधिक-से-अधिक सोलह पौंड सरसों का तेल निकालते हैं, परंतु अंदमान में बैलों के स्ािान