परंतु हथकड़ियांे से मुक्त करने का आदेश नहीं दिया गया था)। इसके पश्चात् मुझे हथकड़ियों से निकाला गया। मैं लगभग सुध-बुध खो चुका था और भयंकर झटके खाने लगा।’
वह मध्याह्न का समय
हमें ज्ञात हो चुका था कि उल्लासकर हथकड़ी में खड़ा है। परंतु जैसाकि ऊपर उसके कथ्य में वर्णित है कि उसके ज्ञानतंतु इतने दुर्बल हो चुके थे कि उसे विलक्षण आभास होने लगे। उस पर ज्वर का नशा सा छाने लगा था और हमें इस बात का रत्ती भर भी ज्ञान नहीं था कि इतना
परंतु हथकड़ियांे से मुक्त करने का आदेश नहीं दिया गया था)। इसके पश्चात् मुझे हथकड़ियों से निकाला गया। मैं लगभग सुध-बुध खो चुका था और भयंकर झटके खाने लगा।’
वह मध्याह्न का समय
हमें ज्ञात हो चुका था कि उल्लासकर हथकड़ी में खड़ा है। परंतु जैसाकि ऊपर उसके कथ्य में वर्णित है कि उसके ज्ञानतंतु इतने दुर्बल हो चुके थे कि उसे विलक्षण आभास होने लगे। उस पर ज्वर का नशा सा छाने लगा था और हमें इस बात का रत्ती भर भी ज्ञान नहीं था कि इतना