उसके ह्नदय में डर उत्पन्न कर रही थी। तथापि उस रात थोड़ी-बहुत आशा थी कि अधिकारी आकर पूछताछ करके अब भी उसके साथ यथोचित व्यवहार करेंगे। परंतु प्रातःकाल आंख खुलते ही रूग्णालय से न भूतो न भविष्यति कर्कश क्रंदन सुनाई देने लगा, ‘अमा! अमा!’ इस प्रकार बंगला में करूण कर्कश चीख-पुकार सतत गूंजने लगी। माजरा क्या है? कोई कहता-यह देखने के लिए कि उल्लासकर वाकई पागल हो गया है या ढोंग कर रहा है, अधिकारी उसे ‘विद्युत्’ लगा रहे हैं। मुझे यह
उसके ह्नदय में डर उत्पन्न कर रही थी। तथापि उस रात थोड़ी-बहुत आशा थी कि अधिकारी आकर पूछताछ करके अब भी उसके साथ यथोचित व्यवहार करेंगे। परंतु प्रातःकाल आंख खुलते ही रूग्णालय से न भूतो न भविष्यति कर्कश क्रंदन सुनाई देने लगा, ‘अमा! अमा!’ इस प्रकार बंगला में करूण कर्कश चीख-पुकार सतत गूंजने लगी। माजरा क्या है? कोई कहता-यह देखने के लिए कि उल्लासकर वाकई पागल हो गया है या ढोंग कर रहा है, अधिकारी उसे ‘विद्युत्’ लगा रहे हैं। मुझे यह