इस पश्चात्ताप सेदग्ध होकर उसने कंबल फाड़ उसकी डोरी बटी और जिस कोठरी में उसे बंद किया गया था, उसके पिछवाड़े की खिड़की से लटकाकर जैसे सैकड़ांे पीड़ित जीव अपने प्राण दे देेते थे, उसी तरह फांसी खाने के लिए अपनी गरदन उस रस्सी में डाल दी, इतने में पहरेदारों ने उसे पकड़ा, इस आभास के साथ ह उल्लास नीचे उतरा और बच गया। वह सुपरिंटेंडेंट, जिसने उसे विद्युत् पेटी लगवाई थी। उसी समय न जाने क्यों छुट्टी पर चला गया और एक दूसरा पर्यवेक्षक आ
इस पश्चात्ताप सेदग्ध होकर उसने कंबल फाड़ उसकी डोरी बटी और जिस कोठरी में उसे बंद किया गया था, उसके पिछवाड़े की खिड़की से लटकाकर जैसे सैकड़ांे पीड़ित जीव अपने प्राण दे देेते थे, उसी तरह फांसी खाने के लिए अपनी गरदन उस रस्सी में डाल दी, इतने में पहरेदारों ने उसे पकड़ा, इस आभास के साथ ह उल्लास नीचे उतरा और बच गया। वह सुपरिंटेंडेंट, जिसने उसे विद्युत् पेटी लगवाई थी। उसी समय न जाने क्यों छुट्टी पर चला गया और एक दूसरा पर्यवेक्षक आ