गया। उसकी न केवल राजबंदियों में बल्कि हर जगह यही ख्याति थी कि यह बहुत ही निष्पक्ष है। दूसरे दिन उसने वह फाड़ा हुआ कंबल देखकर तथा फांसी क बात सुनकर उल्लास को थोड़ा फटकारते हुए धीरज बंधाया, ‘‘यद्यपि मैं अंगे्रज हूं। सरकारी मुलाजिम हूं, हम दोनों के हिताहित भिन्न-भिन्न हैं, और इसीलिए मैं यह नहीं कह सकता कि आप क्रांतिकारियों ने जो किया वह उचित ही किया, तथापि मैं इतना कहता हूं कि आप लोगों ने अपने देश की स्वीधीनता के लिए जो कुछ किया,
गया। उसकी न केवल राजबंदियों में बल्कि हर जगह यही ख्याति थी कि यह बहुत ही निष्पक्ष है। दूसरे दिन उसने वह फाड़ा हुआ कंबल देखकर तथा फांसी क बात सुनकर उल्लास को थोड़ा फटकारते हुए धीरज बंधाया, ‘‘यद्यपि मैं अंगे्रज हूं। सरकारी मुलाजिम हूं, हम दोनों के हिताहित भिन्न-भिन्न हैं, और इसीलिए मैं यह नहीं कह सकता कि आप क्रांतिकारियों ने जो किया वह उचित ही किया, तथापि मैं इतना कहता हूं कि आप लोगों ने अपने देश की स्वीधीनता के लिए जो कुछ किया,