उसका निष्ठुर सौजन्य
मुझे देखते ही उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘आप कब पागल होंगें?’’ मैंने क्रोधावेश में कहा, ‘‘शायद आपके पागल हो जाने के पश्चात्।’’ उल्लास के पागलपन की बात छेड़ते ही मैंने कहा, ‘‘इंदुभूषण ने फांसी लगाई तब आपने कहा था, उसने कष्टों से ऊबकर आत्महत्या की, पागल होकर गले में फंदा डाला था। तभी मैंने आपसे कहा था कि ‘वह पागल क्यों बना? यह प्रश्न शेष रहता है।’ उल्लास के पागलपन का कारण भी उसके झेले हुए कष्ट और राजबंदियों
उसका निष्ठुर सौजन्य
मुझे देखते ही उन्होंने मुझसे पूछा, ‘‘आप कब पागल होंगें?’’ मैंने क्रोधावेश में कहा, ‘‘शायद आपके पागल हो जाने के पश्चात्।’’ उल्लास के पागलपन की बात छेड़ते ही मैंने कहा, ‘‘इंदुभूषण ने फांसी लगाई तब आपने कहा था, उसने कष्टों से ऊबकर आत्महत्या की, पागल होकर गले में फंदा डाला था। तभी मैंने आपसे कहा था कि ‘वह पागल क्यों बना? यह प्रश्न शेष रहता है।’ उल्लास के पागलपन का कारण भी उसके झेले हुए कष्ट और राजबंदियों