कोई पांव-बेड़ियां डलवाने से मना करने लगा, कोई आपस में बोलने
के नियम का भंग करके एक-दूसरे से दूर से ही जोर-जोर से सरेआम बतियाने लगा, कोई बारी आदि अधिकारी के जेल में प्रविष्ट होते ही जो खड़े होना पड़ता था, अब खड़े नहीं होते। प्रायः सभी ने काम को नकार दिया था। बारी के आगमन के साथ ही पेटी अफसर चिल्लाता, ‘सरकार!’ सभी बंदी नियमानुसार नहीं तो रूढ़ि के अनुसार खड़े रहते, परंतु राजबंदी बैठे रहते। एक-एक को पकड़कर खड़ा करने के लिए तीन-तीन
कोई पांव-बेड़ियां डलवाने से मना करने लगा, कोई आपस में बोलने
के नियम का भंग करके एक-दूसरे से दूर से ही जोर-जोर से सरेआम बतियाने लगा, कोई बारी आदि अधिकारी के जेल में प्रविष्ट होते ही जो खड़े होना पड़ता था, अब खड़े नहीं होते। प्रायः सभी ने काम को नकार दिया था। बारी के आगमन के साथ ही पेटी अफसर चिल्लाता, ‘सरकार!’ सभी बंदी नियमानुसार नहीं तो रूढ़ि के अनुसार खड़े रहते, परंतु राजबंदी बैठे रहते। एक-एक को पकड़कर खड़ा करने के लिए तीन-तीन