ऐसा कहनेवाले का अपराध प्रत्यक्ष हड़ताल करनेवालों से अधिक है, क्या यह कहा जाए? क्या यह दंड विज्ञान के सर्वधा विपरीत नहीं है? और देखिए, मैंने हड़ताल को आज तक प्रोत्साहित क्यों नहीं किया? अथवा किया हो तो मेरे मित्र उसे क्यों नहीं मानते थे? हड़ताल आज ही क्यों हुई? इंदु को भी फांसी लगाने के लिए क्या मैंने ही प्रोत्साहित किया था? उल्लासकर को पागल बनने के लिए मैंने सिखाया क्या? राजबंदियों को जो खान-पान, कष्टप्रद काम, मानसिक चिंताएं,
ऐसा कहनेवाले का अपराध प्रत्यक्ष हड़ताल करनेवालों से अधिक है, क्या यह कहा जाए? क्या यह दंड विज्ञान के सर्वधा विपरीत नहीं है? और देखिए, मैंने हड़ताल को आज तक प्रोत्साहित क्यों नहीं किया? अथवा किया हो तो मेरे मित्र उसे क्यों नहीं मानते थे? हड़ताल आज ही क्यों हुई? इंदु को भी फांसी लगाने के लिए क्या मैंने ही प्रोत्साहित किया था? उल्लासकर को पागल बनने के लिए मैंने सिखाया क्या? राजबंदियों को जो खान-पान, कष्टप्रद काम, मानसिक चिंताएं,