मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

भावी निराशा तथा पग-पग पर अपमान की तीव्र यातनाएं सहनी पड़ीं और अभी भी पड़ रही हैं, उन कारागारीय पद्वतियों की यातनाएं ही हड़ताल को प्रोत्साहित करती हैं, न कि मैं। राजबंदियों की तरह आप उन्हें सुविधाएं दीजिए, कम-से-कम चोर-डाकुओं की तरह उन्हें लेखन आदि कामों पर नियुक्त कीजिए, फिर कौन और क्यों हड़ताल करेगा? पहले से ही इस कष्टदायी कारावास में हड़ताल के साथ अल्पभोजन पर अथवा मात्र कांजी पर कोठरी में तड़पते रहकर कष्टतर दुर्दशा में रहने


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भावी निराशा तथा पग-पग पर अपमान की तीव्र यातनाएं सहनी पड़ीं और अभी भी पड़ रही हैं, उन कारागारीय पद्वतियों की यातनाएं ही हड़ताल को प्रोत्साहित करती हैं, न कि मैं। राजबंदियों की तरह आप उन्हें सुविधाएं दीजिए, कम-से-कम चोर-डाकुओं की तरह उन्हें लेखन आदि कामों पर नियुक्त कीजिए, फिर कौन और क्यों हड़ताल करेगा? पहले से ही इस कष्टदायी कारावास में हड़ताल के साथ अल्पभोजन पर अथवा मात्र कांजी पर कोठरी में तड़पते रहकर कष्टतर दुर्दशा में रहने


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