मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

का शौक तो नहीं होता। मैंने अभी तक काम का परित्याग नहीं किया है। फिर हड़ताल का सारा दोष आप हमारे ही मत्थे क्यों मढ़ते है?’’ बार-बार मेरे अकाट्य तर्क की यथार्थता को वहां के स्थानीय अधिकारी और प्रसंगवश बारी भी स्पष्टतया स्वीकार करते थे। वे बस इतना ही कहते, ‘‘यह हमारे बस में नहीं है। हिंदुस्थान सरकार के हाथ में है, उसी की आज्ञा से आपको कारागृह में रखना अनिवार्य है।’’

नानी गोपाल

मेरे कांड की इस तरह चखचख चल ही रही थी कि एक


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का शौक तो नहीं होता। मैंने अभी तक काम का परित्याग नहीं किया है। फिर हड़ताल का सारा दोष आप हमारे ही मत्थे क्यों मढ़ते है?’’ बार-बार मेरे अकाट्य तर्क की यथार्थता को वहां के स्थानीय अधिकारी और प्रसंगवश बारी भी स्पष्टतया स्वीकार करते थे। वे बस इतना ही कहते, ‘‘यह हमारे बस में नहीं है। हिंदुस्थान सरकार के हाथ में है, उसी की आज्ञा से आपको कारागृह में रखना अनिवार्य है।’’

नानी गोपाल

मेरे कांड की इस तरह चखचख चल ही रही थी कि एक


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