और कांड हद से ज्यादा बढ़ रहा था। अंदमान में कुछ राजबंदी ऐसे थे जो बड़े ही साहस से सारी यातनाओं, कष्टों को सह रहे थे। उनमें बंगाल का एक सोलह-सत्रह वर्षीय संभ्रातं ब्राह्मण परिवार का एक नवयुवक नानी गोपाल भी था। बंगाल में एक बड़े यूरोपीय पलिस अधिकारी की चलती कार पर बम फंेकने के अपराध में उसे चैदह वर्षों का दंड मिला था। कारागृह में सोलह वर्षीय कोमल लड़के को कोल्हू का कठोर काम नहीं दिया जाता, तथापि इसे कोल्हू में जोता गया। उससे
और कांड हद से ज्यादा बढ़ रहा था। अंदमान में कुछ राजबंदी ऐसे थे जो बड़े ही साहस से सारी यातनाओं, कष्टों को सह रहे थे। उनमें बंगाल का एक सोलह-सत्रह वर्षीय संभ्रातं ब्राह्मण परिवार का एक नवयुवक नानी गोपाल भी था। बंगाल में एक बड़े यूरोपीय पलिस अधिकारी की चलती कार पर बम फंेकने के अपराध में उसे चैदह वर्षों का दंड मिला था। कारागृह में सोलह वर्षीय कोमल लड़के को कोल्हू का कठोर काम नहीं दिया जाता, तथापि इसे कोल्हू में जोता गया। उससे