संबंधित बहस छिड़ने पर उसने काम को नकारा। वह उन चार-पांच बंदियों में से एक था जिन्हें पिछली हड़ताल में सर्वाधिक यंत्रणाएं सहनी पड़ी। परंतु वह बड़ा जीवित रहने की तीव्र इच्छावाला तथा दृढ़निश्चयी युवक था। झुकने के एि वह किसी भी हालत में तैयार नहीं था। वह हथकड़ी में प्रायः खड़ा ही रहता। ज्योें-ज्यों उसे अधिकाधिक दंड दिया जाता त्यों-त्यों उसका क्षोभ अधिकाधिक बढ़ने लगा। काम छोड़ देने के कारण उसे दंड मिला। उसने कपड़े धोना भी बंद किया।
संबंधित बहस छिड़ने पर उसने काम को नकारा। वह उन चार-पांच बंदियों में से एक था जिन्हें पिछली हड़ताल में सर्वाधिक यंत्रणाएं सहनी पड़ी। परंतु वह बड़ा जीवित रहने की तीव्र इच्छावाला तथा दृढ़निश्चयी युवक था। झुकने के एि वह किसी भी हालत में तैयार नहीं था। वह हथकड़ी में प्रायः खड़ा ही रहता। ज्योें-ज्यों उसे अधिकाधिक दंड दिया जाता त्यों-त्यों उसका क्षोभ अधिकाधिक बढ़ने लगा। काम छोड़ देने के कारण उसे दंड मिला। उसने कपड़े धोना भी बंद किया।